इंटरनेट क्या है और इसकी परिभाषा।What is internet in Hindi

Internet एक ऐसी चीज जिस के बिना दुनिया कि कल्पना भी नहीं की जा सकती। एक आविष्कार ने दुनिया कि तस्वीर बदल कर रख दी है। कोई college student हो या फिर business man । हर इंसान के लिए इंटरनेट एक ज़रूरी टूल बन चूका है।

लेकिन हम में से कितने लोग है जो यह जानते है कि इंटरनेट आख़िर कैसे काम करता है? कैसे आपके द्वारा भारत से भेजी गयी एक whats app message कुछ ही सेकंड में अमेरिका में बेठे आप की दोस्त के मोबाइल पर pop करती है।

आप में से ज़्यादा तर लोग सोचते होंगे की यह सारा खेल satellite का है। लेकिन ज़रा रुकिए ऐसा बिलकुल नहीं है, तो आइये simple तरीके से इंटरनेट के बारे में जानकारी लेते है।

इंटरनेट क्या है?-(What is internet in Hindi)

इंटरनेट बहुत सारे कंप्यूटरों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का एक ग्लोबल नेटवर्क है। इंटरनेट के साथ, लगभग किसी भी जानकारी का उपयोग करना या फिर दुनिया में किसी और के साथ communicate करना और बहुत कुछ करना संभव है।

आप यह सब एक कंप्यूटर और मोबाइल को internet से जोड़ सकते हैं, जिसे Online जाना भी कहा जाता है। जब कोई कहता है कि कंप्यूटर ऑनलाइन है, तो यह कहने का एक और तरीक़ा है कि यह इंटरनेट से जुड़ा है। कंप्यूटर या मोबाइल वायरलेस तरीके से इंटरनेट से जुड़ते हैं।

इंटरनेट एक व्यापक नेटवर्क है जो दुनिया भर के कंप्यूटर नेटवर्क को कंपनियों, सरकारों, विश्वविद्यालयों और अन्य संगठनों द्वारा एक दूसरे से बात करने की अनुमति देता है।

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इंटरनेट का महत्त्व

संचार उपकरण के रूप में internet की बढ़ती महत्त्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए, संयुक्त राष्ट्र ने हाल ही में यह भी प्रस्ताव दिया कि इंटरनेट सेवाओं का उपयोग मानव अधिकार का एक हिस्सा होना चाहिए। इंटरनेट ने मानव जीवन के लगभग हर पहलू को प्रभावित किया है, न केवल निजी जीवन बल्कि सार्वजनिक सेवाओं को भी। अभी, कोई भी अन्य व्यक्तियों को अपने निजी जीवन को सार्वजनिक करने से नहीं रोक सकता है।

दूसरी तरफ, इंटरनेट भी जनता को यह जानने की अनुमति देता है कि सरकार क्या कर रही है। अब, सड़क पर भी लोग जानते हैं कि राजनीतिक दलों और सरकारी अधिकारियों के बीच क्या हो रहा है। दूसरे शब्दों में, इंटरनेट खुली पहुँच प्रदान करता है-लगभग सीमा के बिना।

इंटरनेट के उपयोग

1.Online Learning करने के लिए

छात्रों के पास जीवन भर सीखने का एक मुफ्त मंच है। 18 से 35 आयु वर्ग के लोग आज इंटरनेट के सबसे लगातार उपयोगकर्ताओं में से हैं और ये लोग ज्यादातर दुनिया भर के छात्र हैं। वे नए कौशल सीखने और यहाँ तक कि पेशेवर ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में डिग्री हासिल करने के लिए इंटरनेट का उपयोग कर रहे हैं।

2.Net Banking के लिए

ऑनलाइन बैंकिंग जीवन को सुरक्षित और आरामदायक बनाती है। अब, किसी को भी जेब में या सूटकेस को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि अब आपके बैंक खाते के अधिकांश अधिकार आपके हाथ में हैं।

आप घर बैठे या विदेश यात्रा के दौरान अपने खाते को अतिरिक्त और प्रबंधित कर सकते हैं। आप अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड को इंटरनेट बैंकिंग की मदद से ऑर्डर कर सकते हैं जो वे आपको अपने दरवाजे पर डिलीवरी करेंगे।

3.Research करने के लिए

किसी भी चीज पर शोध करने से पहले आपको संदर्भ के लिए हजारों पुस्तकों से गुजरना पड़ता है। इंटरनेट इस काम को असाधारण रूप से अच्छी तरह से कर सकता है।

यदि आपको कोई पुस्तक पसंद है तो आप इसकी हार्ड या सॉफ्ट कॉपी ऑर्डर कर सकते हैं। कुछ वेबसाइटों जैसे विकिपीडिया, एनसाइक्लोपीडिया द ब्रिटानिका एक अद्भुत वेबसाइट है, जिस पर आप ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

4.Job Searching के लिए

इंटरनेट आपकी रुचि के अनुसार नौकरी खोजने में बहुत मदद करता है। कुछ प्रसिद्ध वेबसाइटों पर अपना resume पोस्ट करें, ताकि recruiter आपसे संपर्क कर सके। कुछ वेबसाइटों की Subscribe लें और वे आपको किसी भी संस्थान या किसी संगठन में vacancy opening की सूचना भेजेंगे।

5.Social Networking के लिए

सोशल नेटवर्किंग साइट दुनिया को आपस में जोड़ने में बहुत मदद करती है। सोशल नेटवर्किंग साइटों पर, आपको जानकारीपूर्ण सामान से मनोरंजन तक प्रत्येक चीज़ मिलेगी। इन प्लेटफार्मों पर, आप अपने विचार को अपने दोस्तों के साथ पोस्ट कर सकते हैं।

आप सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर अपने उत्पाद या ब्लॉग को मुफ्त में प्रचारित कर सकते हैं। सोशल नेटवर्किंग फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, पिंटरेस्ट, रेडिट, इंस्टाग्राम आदि सहित कई एप्लिकेशन और वेबसाइटों का संयोजन है।

इंटरनेट की खोज किसने की

इंटरनेट का पहला काम करने योग्य प्रोटोटाइप 1960 के दशक के अंत में ARPANET (Advanced Research Projects Agency Network) के निर्माण के साथ आया था। अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा मूल रूप से वित्त पोषित, ARPANET ने कई कंप्यूटरों को एक नेटवर्क पर संचार करने की अनुमति देने के लिए packet switching का उपयोग किया।

29 october, 1969 को, ARPANET ने अपना पहला संदेश दिया: एक कंप्यूटर से दूसरे में “Node to Node” संचार। “पहला कंप्यूटर यूसीएलए में एक शोध प्रयोगशाला में स्थित था और दूसरा स्टैनफोर्ड में था; प्रत्येक एक छोटे से घर का आकार था”।LOGIN” संदेश छोटा और सरल था, लेकिन इसने वैसे भी ARPA को दुर्घटनाग्रस्त कर दिया: स्टैनफोर्ड कंप्यूटर को केवल नोट के पहले दो अक्षर मिले।

1970 के दशक में वैज्ञानिक Robert Kahn और Vinton Cerf ने TCP (Transmission Control Protocol) और IP (Internet Protocol) या TCP / IP विकसित करने के लिए एक संचार मॉडल विकसित करना जारी रखा, जो एक संचार मॉडल है जो कई नेटवर्क के बीच डेटा कैसे प्रसारित किया जा सकता है इसके लिए मानक निर्धारित करता है।

इंटरनेट कब शुरू हुआ?

ARPANET ने 1 January 1983 को TCP / IP को अपनाया और वहाँ से researchers ने “network of networks” को इकट्ठा करना शुरू किया जो आधुनिक इंटरनेट बन गया। ऑनलाइन दुनिया ने तब 1990 में अधिक पहचानने योग्य रूप ले लिया, जब कंप्यूटर वैज्ञानिक Tim Berners-Lee ने World Wide Web (WWW) का आविष्कार किया।

भारत में इंटरनेट कब सुरु हुआ था?

भारत में 15 August 1995 को VSNL (Videsh Sanchar Nigam Limited) द्वारा इंटरनेट सेवाएँ शुरू की गईं। November 1998 में, सरकार ने निजी ऑपरेटरों द्वारा इंटरनेट सेवाएँ प्रदान करने के लिए इस क्षेत्र को खोला।

इंटरनेट का इतिहास(History of Internet In Hindi)

Internet कंप्यूटरों का सबसे बड़ा विश्वव्यापी संचार नेटवर्क है। इसके लाखों छोटे घरेलू, शैक्षणिक, व्यावसायिक और सरकारी नेटवर्क हैं, जो एक साथ कई अलग-अलग प्रकार की सूचनाओं को ले जाते हैं। इंटरनेट शब्द को कभी-कभी “Net” के रूप में संक्षिप्त किया जाता है। World Wide Web इसकी सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। इसका उपयोग पूरी दुनिया में अरबों लोगों द्वारा किया जाता है।

इंटरनेट को संयुक्त राज्य अमेरिका में “United States Department of Defense Advanced Research Projects Agency” (DARPA) द्वारा विकसित किया गया था। यह पहली बार October 1969 में जुड़ा था और इसे ARPANET कहा जाता था। World Wide Web 1990 में Switzerland के CERN में Tim Berners-Lee नाम के एक ब्रिटिश (UK) व्यक्ति द्वारा बनाया गया था।

आज, लोग internet सेवा प्रदाताओं से इंटरनेट का उपयोग करने के लिए पैसे का भुगतान कर सकते हैं। इंटरनेट पर कुछ सेवाओं का उपयोग करने के लिए कुछ भी ख़र्च नहीं होता है। कभी-कभी इन मुफ्त सेवाओं की पेशकश करने वाले लोग उनसे पैसे कमाने के लिए विज्ञापन का उपयोग करते हैं।

 Intranet क्या है?-What is intranet in Hindi?

Intranet एक private network है जिसे केवल अधिकृत उपयोगकर्ताओं द्वारा ही एक्सेस किया जा सकता है। prefix “intra” का अर्थ है “internal” और इसलिए इसका मतलब है कि एक intranet जो internal communications के लिए डिज़ाइन किया गया है।

कुछ Intranet एक विशिष्ट Local Area Network (LAN) तक सीमित हैं, जबकि अन्य को इंटरनेट पर दूरस्थ स्थानों से एक्सेस किया जा सकता है। स्थानीय Intranet आमतौर पर सबसे सुरक्षित होते हैं क्योंकि वे केवल नेटवर्क के भीतर से ही एक्सेस किए जा सकते हैं।

Intranet कई अलग-अलग उद्देश्यों को पूरा करते हैं, लेकिन उनका प्राथमिक उद्देश्य internal communication को सुविधाजनक बनाना है। उदाहरण के लिए, एक व्यवसाय कर्मचारियों को एक दूसरे के साथ संदेशों और फ़ाइलों को सुरक्षित रूप से शेयर करने की अनुमति देने के लिए Intranet उपयोग करते हैं।

Internet और Intranet में क्या अंतर है?

 

internet vs intranet

Internet Intranet
  1. Internet कंप्यूटर का एक विस्तृत नेटवर्क है और सभी के लिए उपलब्ध है।
  2. कोई भी Internet का उपयोग कर सकता है।
  3. यह एक Public Network है।
  4. Internet में, visitors की संख्या अधिक है।
  5. Internet के मामले में व्यापक प्रदर्शन के कारण उपयोगकर्ता द्वारा अधिक जानकारी और डेटा प्रदान या एक्सेस किया जा सकता है।
  1. Intranet कंप्यूटर का एक नेटवर्क है जो उपयोगकर्ताओं के एक निश्चित समूह के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  2. केवल संगठन के कर्मचारियों या व्यवस्थापक के पास पहुँच योग्य है जिनके पास लॉगिन विवरण है।
  3. यह एक private Network है।
  4. Intranet में, visitors की संख्या कम है।
  5. दूसरी ओर Intranet के सीमित एक्सपोज़र की सीमित जानकारी और डेटा का उपयोग उपयोगकर्ता द्वारा किया जाता है।

इंटरनेट कैसे काम करता है?

आइए जानें कि इस डेटा कि अविश्वसनीय यात्रा के विवरणों को समझने के लिए इंटरनेट कैसे काम करता है। डेटा सेंटर जो आपसे हजारों मील दूर है, उसके अंदर आपका डाटा संग्रहीत है। यह डेटा आपके मोबाइल फ़ोन या लैपटॉप तक कैसे पहुँचता है?

आप को यह जान कर ताज्जुब होगा कि दुनिया का 90% इंटरनेट महज़ 300 केबल के सहारे काम करता है। यह केबल समंदर में बिछाई जाती है, जो दुनिया को एक कोने से दूसरे कोने तक जोड़ती है।

इन्हीं केबल्स के जरिये आप का डाटा एक जगह से दूसरी जगह तक ट्रांसफर होता है। ये कुछ ऐसे ही काम करता है जैसे आप के शहर का बिजलीघर। अब आप सोच रहे होंगे की आप के मोबाइल में ऐसा कोनसा तार लगा हुआ है, जिस से आप तक internet पोहोचता है।

तो आप को बता दे की यह तार जुड़ा होता है आप के मोबाइल टावर से। जहा से आप को सिग्नल्स के जरिये internet मिलता है और वही offices की बात करे तो यह पूरा खेल लीज लाइन केबल का है। थोड़ा मुश्किल लग रहा है तो आप को थोड़ा और सिंपल कर के बता ते है।

internet kam kaise karta hai

 

असल में कुछ ऐसी private companies है जो दुनिया में समंदर के रास्ते fiber optic केबल का जाल बिछाया रखा है, जिस के जरिये वह एक देश के सर्वर को दूसरे देश के सर्वर से जोड़ती है। ऐसे कम्पनीज को TIER 1 कहा जाता है।

इस काम के लिए जो fiber optic केबल use की जाती है, वो earthquake resistant होती है, जो पानी में जल्दी ख़राब भी नहीं होती। यहाँ तक की Sharks भी उसे जल्दी काट नहीं पाती। लेकिन फिर भी अगर यह केबल ब्रेक हो जाये तो इसका Backup भी होता है और साथ ही साथ इन केबल्स की जल्द से जल्द मरम्मत भी कर दी जाती है। ताकि किसी भी हालत में इंटरनेट सेवा ठप्प न हो।

कही कही तो यह केबल समंदर में 8 km की गहराई तक बिछी हुई है, जिन के जरिये 100 Tbps की स्पीड से डाटा travel करता है। दुनिया में 7 ऐसी private companies है, जो पूरी दुनिया के इंटरनेट को कंट्रोल करती है। इन 7 कंपनियों में TATA Communication का नाम भी शामिल है। यहाँ तक की रिलायंस भी अब submarine केबल नेटवर्क बिछाने का काम शुरू कर चुकी है।

तो चलिए अब बात करते है इंडिया की, इंडिया में submarine केबल नेटवर्क के कुल मिला कर 6 लैंडिंग पॉइंट्स है। सबमरीन केबल नेटवर्क का सबसे बड़ा लैंडिंग पॉइंट है मुंबई में, फिर आता है चेन्नई, पांडिचेरी, तूतीकोरिन, त्रिवेंद्रम और कोचीन।

इन लँडिंग्स stations से तारो के जरिये आप तक इंटरनेट पोहोचाने का काम करती है TIER 2 companies. जैसे आईडिया, वोडाफ़ोन, एयरटैल और रिलायंस आदि। इन सभी कंपनियों ने भारत में तारो का जाल बिछाया रखा है, इन्हीं तारो के जरिये ये कम्पनिया लैंडिंग stations से कनेक्ट करती है।

फिर वही से तारो के जरिये इंटरनेट आप के मोबाइल टावर तक पोहोचाया जाता है। मोबाइल टावर से ये इंटरनेट पोहोचता है आप के मोबाइल तक। इस पूरी सुविधा के लिए TIER 2 कम्पनिया TIER 1 कंपनियों को contract के मुताबिक़ पैसे भी pay करती है।

आप का डाटा आख़िर ट्रेवल कैसे करता है?

मान लीजिये आप फ़ेसबुक use कर रहे है, जिस का server लगा है अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आप का डाटा सबसे पहले पोहोचेगा मुंबई या भारत के किसी भी और लैंडिंग stations पर। वहा से आप का डाटा पोहोचेगा submarine cable के जरिये अमेरिका के लैंडिंग stations पर।

जहा से केबल के जरिये ही आप का डाटा पोहोचेगा फ़ेसबुक के नॉर्थ कैरोलिना में स्तिथ सर्वर पर। यह पूरी प्रक्रिया महज़ nano सेकण्ड्स में पूरी हो जाती है। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आप का डाटा इतनी जगहों से होकर गुजरता है कि आप को safety का ध्यान तो रखना ही पड़ता है।

इसी safety के चक्कर में किसी भी देश की सरकार अपना एहम सर्वर अपने ही देश में बनाती है, क्योंकि देश के बाहर सर्वर रखने का मतलब है डाटा को submarine cable के जरिये travel करवाना। जिसे रास्ते में कोई भी देश intercept कर सकता है।

इंटरनेट के लाभ(Advantages of Internet)

  1. इंटरनेट दुनिया भर के विभिन्न स्थानों पर कंप्यूटर का एक नेटवर्क है।
  2. आपको हर स्थान से एक ईमेल संदेश भेजने की अनुमति देता है।
  3. विभिन्न कंप्यूटरों के बीच फाइल भेजने या प्राप्त करने में आपकी सहायता करता है।
  4. इंटरनेट का उपयोग करके, आप चर्चा समूहों में भाग ले सकते हैं, जैसे मेलिंग सूची और समाचार समूह।
  5. यह सभी छोटे, मध्यम और बड़े आकार के व्यवसायों को छोटे निवेश के साथ अपने उत्पादों को बेचने की अनुमति देता है।
  6. यह दुनिया भर की हर जानकारी उपलब्ध कराता है।
  7. यह आपको नवीनतम समाचार और प्रौद्योगिकियों के साथ अध्ययन करने में मदद करता है।
  8. यह हमें समुदायों, मंचों, चैट, वेबसाइटों, आदि के समान हितों वाले लोगों से मिलने में मदद करता है।

इंटरनेट के नुकसान(Disadvantages of Internet)

  1. इंटरनेट पर बहुत सारी ग़लत जानकारी है। कोई भी कुछ भी पोस्ट कर सकता है और इसमें से बहुत कुछ कचरा है।
  2. ऐसे शिकारी हैं जो खतरनाक परिस्थितियों में लोगों को परेशान करने के लिए इंटरनेट पर इंतज़ार करते हैं।
  3. कुछ लोग इंटरनेट के आदी हो रहे हैं और इस तरह अपने दोस्तों और प्रियजनों के साथ बातचीत में समस्या पैदा कर रहे हैं।
  4. पोर्नोग्राफी जो छोटे बच्चों के हाथों में भी आसानी से आ सकती है।
  5. इंटरनेट पर बहुत समय बर्बाद करना आसान है। आप सर्फिंग शुरू कर सकते हैं और फिर एहसास हुआ कि आपको महसूस किए हुए अधिक समय बीत चुका है। इंटरनेट और टेलीविजन ने लोगों की अधिक गतिहीन जीवन शैली को जोड़ा, जो मोटापे की समस्या को और बढ़ा देता है।
  6. इंटरनेट में बहुत सारे “चीटर” साइट हैं। लोग निबंधों को खरीद सकते हैं और उन्हें अपने से दूर कर सकते हैं।
  7. हैकर्स वायरस बना सकते हैं जो आपके व्यक्तिगत कंप्यूटर में घुस सकता है और मूल्यवान डेटा को बर्बाद कर सकता है।
  8. हैकर्स पहचान की चोरी के लिए इंटरनेट का उपयोग कर सकते हैं।

Internet से जुड़े कुछ सवाल?


इंटरनेट की गति को किसमे मापा जाता है?

डेटा ट्रांसफर गति के लिए मानक माप मेगाबिट्स प्रति सेकेंड (Mbps) है।

इंटरनेट की गति की गणना कैसे की जाती है?

इस डेटा की स्पीड मेगाबिट्स प्रति सेकेंड (Mbps) में मापी जाती है। एक मेगाबिट 1,024 किलोबिट के बराबर होता है। इस रूपांतरण का मतलब है कि 1.0 एमबीपीएस प्रति सेकंड 1.0 किलोबिट्स (Kbps) से 1,000 गुना तेज है।

पूरी दुनिया में 1 दिन का इंटरनेट कितना इस्तेमाल होता है?

3.7 बिलियन से अधिक मनुष्य इंटरनेट का उपयोग करते हैं। यह 2016 की तुलना में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि दर है। Google अब प्रति सेकंड 40,000 से अधिक खोजों को संसाधित करता है, प्रति दिन 3.5 बिलियन खोज होता है।

आज आपने क्या सीखे?

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख इंटरनेट क्या है? (what is Internet in Hindi) जरुर पसंद आई होगी। मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को इंटरनेट की परिभाषा के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है।

इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे। यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं।

मुझे उम्मीद है कि आप को मेरे पोस्ट से इंटरनेट के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हुई होगी। तो दोस्तों आपको यह पोस्ट कैसी लगी कमेंट में ज़रूर बताये, धन्यवाद ।

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9 thoughts on “इंटरनेट क्या है और इसकी परिभाषा।What is internet in Hindi”

  1. बहुत ही बडीया पोस्ट है आपका, और आप लिखते भी है बडीया।

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  2. आज के समय में इन्टरनेट की वजह जिस्भी टॉपिक के बारेमे जनानाकरी चाहिए वो तुरंत मिल जाती है जबकि पहले बुक में खोजना पड़ता था. सही में इन्टरनेट बहोत उपयोगी है. आपने इस विषय पर बहोत अच्छा लिखा है.

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